देव कमरूनाग को आया शिवरात्रि मेले के लिए बुलावा

अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के लिए जनपद के बड़ादेव कमरूनाग को शिवरात्रि मेला कमेटी की ओर से मंडी मेले में पधारने का निमंत्रण मिल गया है। देव कमरूनाग के मंडी पहुंचने के बाद ही शिवरात्रि के कारज शुरू होते हैं। हाईकोर्ट में बलि प्रथा पर रोक लगने के बाद बड़ादेव के मंडी आगमन को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन देवता को निमंत्रण मिलने के बाद कमरूनाग देवता कमेटी ने मंडी मेले की तैयारियों को लेकर बैठकों का दौर शुरू कर दिया है।

कमरूनाग देवता कमेटी ने हालांकि अभी देवता के मंडी आगमन को लेकर साफ संकेत नहीं दे रही है, मगर शिवरात्रि मेले के आगाज की सबसे बड़ी जिम्मेवारी अधिष्ठाता बड़ा देव कमरूनाग के कंधों पर है। शिवरात्रि मेले की परंपरा को कायम रखने के लिए बड़ा देव कमरूनाग का मंडी आगमन बेहद अनिवार्य है। बलि के अतिरिक्त क्या बड़ा देव नारियल स्वीकार करेंगे? यह भी रहस्य बना हुआ है।

मंडी शिवरात्रि मेले के दौरान बड़ा देव कमरूनाग करीब एक माह अपने मूल स्थान से बाहर भ्रमण पर रहते हैं। देवता शिवरात्रि मेले में सात दिन मंडी टारना मंदिर में और उसके बाद मेहमानबाजी में व्यस्त रहते हैं। देवता के प्रति मंडी आगमन पर लोगों में अपने आराध्य देव को लेकर आस्था और अधिक बढ़ जाती है।

जिससे एक दिन में देवता अनेक घरों में मेहमानबाजी निपटाते हैं। बलि को लेकर कमरूनाग देवता कमेटी ने तमाम अटकलों को विराम देते हुए साफ किया है कि जिला प्रशासन और सर्व देवता कमेटी जो भी निर्णय लेंगे वह कमरूनाग देवता कमेटी को मान्य होगा।

देवता के कटवाल निर्मल सिंह ठाकुर ने कहा है कि जिला प्रशासन और सर्व देवता कमेटी के निर्णय के बाद ही देवता के मंडी आगमन को लेकर तिथि तय की जाएगी। बड़ा देव को जिला प्रशासन का शिवरात्रि मेले को लेकर निमंत्रण मिलने के बाद देवता से देववाणी और प्रश्नोत्तरी का दौर भी शुरू हो गया है। सर्व देवता समिति ने रविवार को कारदारों की बैठक बुलाई है।

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